1 Piyarai Nabi SWA Baat Kaisai Kartai thai
प्यारे नबी (सल्ल.) कैसे थे?
(1) प्यारे नबी (सल्ल.) गुफ़्तगू कैसे करते थे ?
Piyarai Nabi SWA kaisai thai
Piyarai Nabi SWA Baat Kaisai Kartai thai
अल्लाह के नबी (सल्ल.) अपना समय बेकार बातों में बरबाद नहीं करते थे। आप (सल्ल.) अकसर ख़ामोश रहते और ऐसा महसूस होता जैसे कुछ सोच रहे हों। नबी (सल्ल.) उसी समय गुफ़्तगू करते जब उसकी ज़रूरत होती। नबी (सल्ल.) जल्दी-जल्दी और कटे-कटे शब्द नहीं बोलते थे। नबी (सल्ल.) की गुफ़्तगू बहुत साफ़ और स्पष्ट होती। न आप (सल्ल.) ज़रूरत से ज़्यादा लम्बी बात करते और न इतनी कम कि समझ में न आए। नबी (सल्ल.) के वाक्य बहुत नपे-तुले होते।
हज़रत आइशा (रज़ि.) फ़रमाती हैं कि "आप रुक-रुक कर बोलते, एक-एक शब्द इस तरह स्पष्ट होता कि सुननेवाले को पूरी बात याद हो जाती। आप (सल्ल.) की आवाज़ बुलन्दी थी और अच्छी तरह सुनी जा सकती थी।
प्यारे नबी (सल्ल.) किसी की बात बीच से काटते न थे, बल्कि पूरी बात कहने का अवसर देते और ध्यान से सुनते थे।
प्यारे नबी (सल्ल.) मुस्कराते हुए मधुर स्वर में बात करते थे। किसी को खुश करने के लिए झूठी या ख़ुशामद की बातें ज़बान से नहीं निकालते थे। आप (सल्ल.) हमेशा न्याय की बात कहते थे, और मुँह देखी बात पसन्द नहीं करते थे आप (सल्ल.) कटहुज्जती से बचते थे। (जारी है)
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