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38 Piyarai Nabi SWA ki Qurani Duaa Azkar

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प्यारे नबी (स अ व ) कैसे थे?   (38) प्यारे नबी (स अ व) की दुआएँ ओर अज़कार  Piyarai Nabi SWA kaisai thai? Piyarai Nabi SWA ki Qurani Duaa Azkar प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) फ़ज्र की सुन्नतों के बाद तीन बार यह दुआ पढ़ते: अस्तग़फ़िरुल्लाहल्लज़ी ला इला-ह इल्ला हु-वल हय्युल क़य्यूम व अतूबु इलैहि। (अल-अज़कार लिन्नव्वी) استغفرالله الذي لا اله الا الله والحي القيوم و اتوب اليه  "मैं अल्लाह की बख़्शिश चाहता हूँ जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, जो हमेशा रहनेवाली हस्ती है, और मैं उसी की तरफ़ लौटता हूँ।"  • मग़रिब की नमाज़ के बाद यह पढ़ें: या मुक़ल्लि-बल क़ुलूबि सब्बित क़ुलू-बना अला दीनि-क। (अल-अज़कार लिन्नव्वी) يا مقلب القلوب ثبت قلوبنا على دينك  "ऐ दिलों को फेरनेवाले! हमारे दिलों को अपने दीन पर जमाए रख।"  • खाना शुरू करते वक़्त अगर बिस्मिल्लाह पढ़ना भूल जाएँ तो खाने के बीच में यह कहें: बिसमिल्लाहि अव्-व-लहू व आख़ि-रहू। (मुसनद अहमद, बुख़ारी, मुस्लिम, अबू-दाऊद, तिरमिज़ी) بسم الله أوله وآخره  "अल्लाह के नाम से उसके शुरू में भी और आख़िर में भी।" ...

27 Piyarai Nabi SWA bahut Bahadur Brave thai

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प्यारे नबी (स अ व) कैसे थे? (27) प्यारे नबी (स अ व) बहुत बहादुर साहासी निडर थे Piyarai Nabi SWA kaisai thai  Piyarai Nabi SWA bahut Bahadur Brave thai बहुत नर्मदिल और रहमदिल होने के बावजूद प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) बहुत ही निडर और बहादुर थे। अल्लाह के डर के अलावा किसी और का डर आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के दिल में न था। बिना किसी संकोच के आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) मुक़ाबले के लिए निकल आते थे। एक बार रात के वक़्त मदीना में कुछ शोर हुआ। मदीनावाले घबरा गए। समझे कि मक्का के क़ुरैश ने अचानक हमला कर दिया है। किसी की हिम्मत न हुई कि बाहर निकलकर हालात मालूम करे। आख़िर में कुछ लोगों ने हिम्मत करके बाहर जाने का इरादा किया तो देखा कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) बिल्कुल अकेले वापस आ रहे हैं और सबको तसल्ली देते जा रहे हैं कि "घबराओ नहीं, मैं मदीना से बाहर जाकर देख आया हूँ, कोई डर की बात नहीं है।" हुनैन की जंग में जब दुश्मनों ने चारों तरफ़ से घिराव कर लिया था तो ऊँटनी से उतरकर आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने हमला करनेवालों का जिस निडरता से मुक़ाबला कि...