27 Piyarai Nabi SWA bahut Bahadur Brave thai
प्यारे नबी (स अ व) कैसे थे?
(27) प्यारे नबी (स अ व) बहुत बहादुर साहासी निडर थे
Piyarai Nabi SWA kaisai thai
Piyarai Nabi SWA bahut Bahadur Brave thai
बहुत नर्मदिल और रहमदिल होने के बावजूद प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) बहुत ही निडर और बहादुर थे। अल्लाह के डर के अलावा किसी और का डर आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के दिल में न था। बिना किसी संकोच के आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) मुक़ाबले के लिए निकल आते थे।
एक बार रात के वक़्त मदीना में कुछ शोर हुआ। मदीनावाले घबरा गए। समझे कि मक्का के क़ुरैश ने अचानक हमला कर दिया है। किसी की हिम्मत न हुई कि बाहर निकलकर हालात मालूम करे। आख़िर में कुछ लोगों ने हिम्मत करके बाहर जाने का इरादा किया तो देखा कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) बिल्कुल अकेले वापस आ रहे हैं और सबको तसल्ली देते जा रहे हैं कि "घबराओ नहीं, मैं मदीना से बाहर जाकर देख आया हूँ, कोई डर की बात नहीं है।"
हुनैन की जंग में जब दुश्मनों ने चारों तरफ़ से घिराव कर लिया था तो ऊँटनी से उतरकर आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने हमला करनेवालों का जिस निडरता से मुक़ाबला किया था उसे देखकर सहाबा (रज़ियल्लाहु अन्हुम) हैरान रह गए थे।
दुश्मनों का मशहूर पहलवान रुकाना ने जब इस्लाम क़बूल करने के लिए यह शर्त रखी कि "अगर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कुश्ती में मुझे हरा देंगे तो मैं मुसलमान हो जाऊँगा।" तो देखनेवाली आँखें फटी की फटी रह गईं कि एक या दो बार नहीं, बल्कि लगातार तीन बार आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने उसको चित कर दिया। आख़िर रुकाना ने इस्लाम क़बूल कर लिया। (जारी है)
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