38 Piyarai Nabi SWA ki Qurani Duaa Azkar
प्यारे नबी (स अ व ) कैसे थे?
(38) प्यारे नबी (स अ व) की दुआएँ ओर अज़कार
Piyarai Nabi SWA kaisai thai?
Piyarai Nabi SWA ki Qurani Duaa Azkar
प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) फ़ज्र की सुन्नतों के बाद तीन बार यह दुआ पढ़ते:
अस्तग़फ़िरुल्लाहल्लज़ी ला इला-ह इल्ला हु-वल हय्युल क़य्यूम व अतूबु इलैहि। (अल-अज़कार लिन्नव्वी)
استغفرالله الذي لا اله الا الله والحي القيوم و اتوب اليه
"मैं अल्लाह की बख़्शिश चाहता हूँ जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, जो हमेशा रहनेवाली हस्ती है, और मैं उसी की तरफ़ लौटता हूँ।"
• मग़रिब की नमाज़ के बाद यह पढ़ें:
या मुक़ल्लि-बल क़ुलूबि सब्बित क़ुलू-बना अला दीनि-क। (अल-अज़कार लिन्नव्वी)
يا مقلب القلوب ثبت قلوبنا على دينك
"ऐ दिलों को फेरनेवाले! हमारे दिलों को अपने दीन पर जमाए रख।"
• खाना शुरू करते वक़्त अगर बिस्मिल्लाह पढ़ना भूल जाएँ तो खाने के बीच में यह कहें:
बिसमिल्लाहि अव्-व-लहू व आख़ि-रहू। (मुसनद अहमद, बुख़ारी, मुस्लिम, अबू-दाऊद, तिरमिज़ी)
بسم الله أوله وآخره
"अल्लाह के नाम से उसके शुरू में भी और आख़िर में भी।"
• जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) किसी के मरने की ख़बर सुनते तो यह पढ़ते:
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
إنا لله وإن إليه راجعون
"हम सब ख़ुदा ही के लिए हैं और उसी की तरफ़ पलटनेवाले हैं।"
जब कोई तकलीफ़ पहुँचती या कोई नुक़सान होता तब भी आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) यह दुआ पढ़ते:
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
إن لله وإن إليه راجعون
"हम सब ख़ुदा ही के लिए हैं और उसी की तरफ़ पलटनेवाले हैं।" (जारी है)
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