31 Piyarai Nabi SWA bahut Ibadat Guzar thai

प्यारे नबी (स अ व) कैसे थे?
(31) प्यारे नबी 
(स अ व) बहुत इबादतगुज़ार थे

Piyarai Nabi SWA kaisai thai?
Piyarai Nabi SWA bahut Ibadat Guzar thai !


अल्लाह के नबी (स अ व) पर अल्लाह का डर हर वक़्त छाया रहता था। आप

 (स अ व) उठते-बैठते और चलते-फिरते अल्लाह को याद करते और किसी वक़्त भी अपने रब की याद से बेख़बर न रहते। रमज़ान का महीना तो आप (स अ व) की इबादत के लिए बहार का मौसम होता था।

जब भी नबी (स अ व) क़ुरआन मजीद पढ़ते या दूसरे की ज़बान से सुनते तो अल्लाह की मुहब्बत और उसके डर की वजह से आपकी आँखों से आँसू जारी हो जाते।


फ़र्ज़ नमाज़ों के अलावा आप (स अ व) इतना ज़्यादा नफ़िल नमाजें पढ़ते कि आप (सल्ल.) के पैर सूज जाते। आप (सल्ल.) ने फ़रमाया कि "नमाज़ मेरी आँखों की ठण्डक और मोमिनों के लिए मेराज है।" आप (सल्ल.) रातों को सोते सोते उठते और इबादत में  मशगूल हो जाते। नमाज़ मे सफ़े सीधी रखने का बहुत एहितमाम करते।


रमज़ान के अलावा भी आप (सल्ल.) बहुत रोज़े रखते। आप (सल्ल.) अपने घर जाकर कोई चीज़ खाने के लिए माँगते। जब मालूम होता कि खाने को कुछ नहीं है तो आप (सल्ल.) फ़रमाते, "आज हमारा रोज़ा रहेगा।"


जब भी आप (सल्ल.) के पास कहीं से कोई रकम आती, उसे जब तक जरूरतमन्दों में बाँट न देते आप (सल्ल.) को चैन न आता। खुद फ़ाक़ा कर लेते मगर दूसरों के पेट भरना आप अपने लिए ज़रूरी समझते थे। (जारी है)

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