3 Piyarai Nabi SWA baat aur wadai Kai pakkai thai
प्यारे नबी (सल्ल.) कैसे थे
(3)प्यारे नबी (सल्ल.) वचन के पक्के थे
Piyarai Nabi SWA kaisai thai
Piyarai Nabi SWA baat aur wadai Kai pakkai thai
प्यारे नबी (सल्ल.) बात के धनी थे जो वादा कर लेते थे उसे पूरा कर के रहते थे। आप (सल्ल.) के पूरे जीवन में कोई एक घटना भी सामने नहीं लाई जा सकती जिससे वचन पूरा न करना साबित किया जा सके। दोस्त तो दोस्त, दुश्मन भी नबी (सल्ल.) के इस गुण को मानते थे।
इतिहास को देखिए। रूम का बादशाह कैसर अबू सुफियान से मालूम करता है, "क्या मुहम्मद (सल्ल.)ने कभी वादाखिलाफ़ी भी की है?" अबू सुफ़ियान का उत्तर न में सुनकर वह किसी ख़याल में खो जाता है।
हुदैबिया के समझौते की एक शर्त थी कि "कोई मक्का का व्यक्ति अगर मुसलमान होकर मदीना जाएगा तो वापस कर दिया जाएगा।" ठीक उसी समय जब यह समझौता लिखा जा रहा था तो अबू जन्दल (रज़ि.) जंजीरों में जकड़े हुए मक्कावालों की क़ैद से भागकर मदीना आ जाते हैं और अल्लाह के नबी (सल्ल.) को अपनी दुर्दशा दिखाकर फ़रियाद करते हैं। यह दृष्य बहुत ही दर्दनाक और भावुक था। तमाम मुसलमान तड़प उठते हैं और सिफ़ारिश करते हैं, लेकिन नबी (सल्ल.) बहुत इत्मीनान के साथ उनसे कहते हैं चले जाते हैं। ( जारी है )
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