5 Piyarai Nabi SWA ko Ghibat sai Nafrat Thi

प्यारे नबी (सल्ल.) कैसे थे? 

(5)प्यारे नबी (सल्ल.) को ग़ीबत से नफ़रत थी

Piyarai Nabi SWA kaisai thai 

Piyarai Nabi SWA ko Ghibat sai Nafrat Thi


गीबत (पीठ पीछे बुराई करने) से आपसी सम्बन्ध खराब होते हैं, अच्छे दिल बुरे हो जाते हैं, इज्ज़त और आबरू खतरे में पड़ जाती है। इससे नफ़रत की भावना पैदा होती है। इसी लिए तो क़ुरआन मजीद में ग़ीबत करनेवाले की मिसाल ऐसे व्यक्ति से दी गई है जो अपने मरे हुए भाई का गोश्त खाता है। तौबा-तौबा! कितनी घिनौनी आदत है किसी की पीठ पीछे बुराई करना।


ग़ीबत के बारे में प्यारे नबी (सल्ल.) से प्रश्न किया गया कि "ऐ अल्लाह के नबी! ग़ीबत किसे कहते हैं ?"'


नबी (सल्ल.) ने कहा, "तुम्हारा अपने भाई की उन बातों की इस तरह चर्चा करना जिनको वह सुने तो उसे तकलीफ़ पहुँचे।” फिर पूछा गया कि "अगर मेरे भाई में वह बुराई मौजूद हो जिसको बयान किया गया है ?"


नबी (सल्ल.) ने उत्तर दिया, "अगर वह बुराई उसमें मौजूद है तो तुमने उसकी गीबत की और अगर वह बुराई उसमें नहीं है तो तुमने उसपर बोहतान (झूठा इलज़ाम) लगाया।"


अल्लाह तआला इस बुरी आदत से हम सबको बचाए! आमीन !


आलम ए इस्लाम की ख़बर, दीनि ए इस्लाम की मालुमात हासिल करने के लिए चैनल जाॅइन करें

इस पोस्ट को स्वाब ए ज़ारिया समझ कर शेयर करें

वाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें 

https://whatsapp.com/channel/0029Vaoau594IBhLQRejxN3C

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Quran Mein Hazrat Isa Masih Alayhi SalamKa Zikr

3 Piyarai Nabi SWA baat aur wadai Kai pakkai thai

Mariyam Kai betai Esa AS Kai barai mai Muslman ka Kiya Aqida hai