4 Piyarai Nabi SWA bad zuban nahi thai
Piyarai Nabi SWA kaisai thai Piyarai Nabi SWA bad zuban nahi thai
प्यारे नबी (सल्ल.) कैसे थे?
(4) प्यारे नबी (सल्ल.) बदज़ुबानी से परहेज
बदज़बानी ऐसी खराब आदत है कि जिस आदमी में यह आदत पाई जाती है, लोग उससे दूर भागते हैं, वह आदमी दूसरों की नज़रों से गिर जाता है, सब उससे नफ़रत करने लगते है बदज़बान आदमी से लोग मिलना पसन्द नहीं करते। ऐसे आदमी के बारे में अल्लाह के नबी (सल्ल.) ने फ़रमाया है, "खुदा के नज़दीक क़ियामत के दिन सबसे खराब आदमी वह होगा जिसकी बदज़बानी के डर से लोग उसको छोड़ दें।"
बदज़बानी की वजह से लोगों के दिलों को ठेस पहुँचती है हालाँकि प्यारे नबी (सल्ल.) का फ़रमान है कि "मुसलमान वह है जिसकी ज़बान और हाथ से लोग सुरक्षित रहें।"
बदज़बानी ही की वजह से आपसी सम्बन्ध ख़राब हो जाते हैं और हालत लड़ाई-झगड़े तक पहुँच जाती हैं, जबकि नबी (सल्ल.) ने साफ़-साफ़ फ़रमाया है कि "बदज़बानी और बुरा-भला कहना मुनाफ़िक़त (कपटाचार) की निशानी है।'
एक बार अल्लाह के नबी (सल्ल.) ने फ़रमाया, "सबसे बड़ा गुनाह यह है कि आदमी अपने माँ-बाप पर लानत भेजे।" सहाबा (रज़ि.) ने आश्चर्य से पूछा, "यह कैसे सम्भव है ?" आप (सल्ल/.) ने कहा, "इस तरह कि जब कोई किसी के बाप को बुरा कहेगा तो जवाब में दूसरा उसके माँ-बाप को बुरा कहेगा।"
अल्लाह तआला हमें बदज़बानी से बचने की तौफ़ीक़ अता करे । (जारी है)
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