24 Piyarai Nabi SWA bahut khuddar thai

प्यारे नबी  (स अ व)  कैसे थे?
(24) प्यारे नबी (स अ व) बहुत खुद्दार थे

Piyarai Nabi SWA Kaise thai

Piyarai Nabi SWA bahut khuddar thai 



सिवाय इसके कि जब किसी की ज़रूरत उसे हाथ फैलाने पर बिल्कुल मजबूर कर दे, प्यारे नबी (सल्ल.) सवाल करने और भीख माँगने को बहुत ज़्यादा नापसन्द करते थे। आप (सल्ल.) का इरशाद है कि "अगर कोई व्यक्ति लकड़ी का गठ्ठा पीठ पर लादकर लाए और बेचकर अपनी इज़्ज़त बचाए तो यह इससे अच्छा है कि वह लोगों से सवाल करे।"


एक बार एक अंसार आप (सल्ल.) के पास आए और कुछ सवाल किया। आप (सल्ल.) ने पूछा, "तुम्हारे पास कुछ है ?" वे बोले बस एह बिछौना और एक प्याला है।" आप (सल्ल.) ने उन्हें लेकर बेच दिया और पैसे उस अंसारी को देकर कहा, "एक दिरहम का खाना लाकर घर में दे आओ और दूसरे से रस्सी ख़रीद कर जंगल में जाओ, लकड़ी बाँधकर लाओ और शहर में बेच लो।" पन्द्रह दिन के बाद वे अंसारी आए। उनके पास कुछ दिरहम जमा हो गए थे आप (सल्ल.) ने फ़रमाया, "यह अच्छा है या यह कि क़ियामत के दिन चेहरे पर गदागरी (माँगने का) दाग़ लगाकर जाते ?" आप (सल्ल.) ने फ़रमाया, "लोगों के सामने हाथ फैलाना सिर्फ़ तीन व्यक्तियों के लिए मुनासिब है-


(1) वह व्यक्ति जो बहुत ज़्यादा क़र्ज़दार हो।


(2) वह व्यक्ति जिसपर अचानक कोई मुसीबत आ पड़ी हो।


(3) वह व्यक्ति जो कई दिन से भूखा हो।


इनके अलावा अगर कोई कुछ माँगता है तो वह हराम खाता है।"                                        (जारी है)


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