28 Piyarai Nabi SWA Maaf Forgiving karnai walai thai
प्यारे नबी (सल्ल.) कैसे थे?
(28) प्यारे नबी (सल्ल.) माफ़ कर दिया करते थे
Piyarai Nabi SWA kaisai thai
Piyarai Nabi SWA Maaf (Forgiving) karnai walai thai
अल्लाह के नबी (सल्ल.) की अच्छी खूबियों में से एक बड़ी खूबी सब्र करना और माफ़ कर देना भी है। आप (सल्ल.) ने हमेशा माफ़ी और दरगुज़र से काम लिया है। हज़रत आइशा (रज़ि.) फ़रमाती हैं कि "नबी (सल्ल.) ने कभी किसी से अपने निजी मामले में बदला नहीं लिया।” क़ुरैश ने आप (सल्ल.) को गालियाँ दीं, मार डालने की धमकी दी, रास्ते में काँटे बिछाए, पाक बदन पर गन्दगी डाली, गरदन में फन्दा डालकर घोटने की कोशिश की, आप (सल्ल.) की शान में हर तरह की गुस्ताख़ियाँ की, तौबा-तौबा! आप (सल्ल.) को पागल, जादूगर और शायर कहा, मगर आप (सल्ल.) ने कभी उनकी इन हरकतों पर नाराजगी नहीं दिखाई, बल्कि हमेशा माफ़ कर दिया।
और तो और ताइफ़वालों ने आप (सल्ल.) के साथ क्या कुछ नहीं किया, यहाँ तक कि आप (सल्ल.) लहूलुहान (जख़्मी) हो गए, आप (सल्ल.) के जूते खून से भर गए, लेकिन जब अल्लाह ने मालूम कराया कि अगर तुम चाहो तो ताइफ़वालों को इन हरकतों के बदले में पीसकर रख दूँ। तो याद है आप (सल्ल.) ने क्या जवाब दिया था। आप (सल्ल.) की आँखों से आँसू गए थे और फ़रमाया था, "ऐ अल्लाह इनको माफ़ कर दे, ये मुझे पहचानते नहीं हैं, हो सकता है कि इनकी औलाद इस्लाम क़बूल कर ले।" (जारी है)
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