29 Piyarai Nabi SWA Bimar ki daikhbhal Ayadat kartai thai

प्यारे नबी (स अ व.) कैसे थे?
(29) प्यारे नबी (स अ व) बीमारों की देखभाल करते थे

Piyarai Nabi SWA kaisai thai

Piyarai Nabi SWA Bimar ki daikhbhal Ayadat kartai thai 


अल्लाह के नबी (सल्ल.) जब भी किसी की बीमारी की ख़बर सुनते तो उसका हाल-चाल मालूम करने के लिए ज़रूर जाते, बड़े-छोटे और अमीर-गरीब में कोई फ़र्क न करते।


प्यारे नबी (सल्ल.) मरीज़ के पास जाते, उसके सिरहाने बैठते, सिर और नब्ज़ पर हाथ रखते, हाल-चाल मालूम करते, उसे तसल्ली देते और फिर सेहत के लिए सात बार यह दुआ करते -

أسأل الله العظيم رب العرش العظيم ان يشفيك 

“मैं बड़ाईवाले अल्लाह से, जो अर्श-अज़ीम (बड़े आकाश) का रब है, सवाल करता हूँ कि वह तुझे ठीक कर दे।"


हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ि.) फ़रमाते हैं कि "मरीज़ के पास ज़्यादा देर तक न बैठना और शोर-गुल न करना सुन्नत है।"


नबी (सल्ल.) ने फ़रमाया, "क़ियामत के दिन अल्लाह कहेगा कि "ऐ आदम के बेटे! मैं बीमार पड़ा और तूने मेरी इयादत (देखभाल) नहीं की?" बन्दा पूछेगा, "ऐ अल्लाह! आप तो सारी दुनिया के रब हैं भला मैं आपकी इयादत कैसे करता?" अल्लाह कहेगा, "मेरा फ़लाँ बन्दा बीमार पड़ा तो तूने उसकी इयादत नहीं की। अगर तू उसकी इयादत को जाता तो मुझे वहाँ पाता (यानी तुझे मेरी खुशी और रहमत मिलती)।' (हदीस : मुस्लिम)।                             (जारी है)

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