20 Piyarai Nabi SAW Bahut dariya Dil thai dayalo thai
प्यारे नबी (स.अ.व) कैसे थे?
(20) प्यारे नबी (स.अ.व ) बहुत दरियादिल थे Piyarai Nabi SWA kaisai thai Piyarai Nabi SWA Bahut Dariya Dil thai
Piyarai Nabi SAW Kaisai thai
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प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सख़ावत के दरिया थे। सवाल करनेवाले को ख़ाली हाथ वापिस करना आप जानते ही न थे। अगर उस वक़्त आपके पास कुछ न होता तो आगे उसे देने का वादा कर लेते।
एक दिन अस्र की नमाज़ पढ़कर मामूल (नियम) के ख़िलाफ़ आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) घर के अन्दर गए और फिर फ़ौरन वापिस भी आ गए। सहाबा को बहुत हैरत हुई। आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने उनकी हैरत को दूर करने के लिए कहा, "कुछ सोना घर में पड़ा रह गया था। रात होने को आई, इसलिए उसे ख़ैरात (दान) कर देने को कहने गया था।"
एक बार बहरैन से ख़िराज (लगान) आया, उसमें इतने ज़्यादा रुपए थे कि इससे पहले कभी नहीं आए थे। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने मस्जिद के सेहन में बैठकर बाँटना शरू कर दिया। शाम होने से पहले ही आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) दामन झाड़कर उठ खड़े हुए।
नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के पास कोई भी खाने-पीने की चीज़ आती, तो आप उसे अकेले नहीं खाते थे, बल्कि तमाम सहाबा को, जो वहाँ मौजूद होते, उसमें शरीक कर लेते थे।
(जारी है)
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