21 Piyarai Nabi SAW Bhut Narm Mijaz thai
प्यारे नबी (सल्ल.) कैसे थे?
(21) प्यारे नबी (सल्ल.) बहुत विनम्र स्वभाव के थे
Piyarai Nabi SAW kaisai thai ?
Piyarai Nabi SAW Bhut Polite Nature tha Narm Mijaz thai
अल्लाह के नबी (सल्ल.) कभी सिर उठाकर घमण्ड के अन्दाज़ में नहीं चलते थे। आप हमेशा निगाह नीची रखते थे। जब दूसरों के साथ चलते तो खुद पीछे चलते और दूसरों को आगे कर देते। आप बड़ी खाकसारी (विनम्रता) के साथ बैठते। खाना खाते वक़्त गुलामों की तरह बैठते। आप (सल्ल.) कहा करते थे, "मैं अल्लाह का हुक्म माननेवाला बन्दा हूँ और उसके गुलामों की तरह खाना खाता हूँ।
नबी (सल्ल.) जब किसी मजलिस में पहुँचते तो बैठे हुए लोगों के सिरों को फान्दते हुए नहीं जाते थे, बल्कि पीछे की सफ़ (पंक्ति) में जहाँ जगह मिलती बैठ जाते। जब आपको आता देखकर सहाबा इज़्ज़त के लिए खड़े हो जाते तो आप (सल्ल.) कहते, "मेरी इज़्जत के लिए खड़े होकर अजमियों (गैर-अरबवालों) की नक़ल न करो।"
मक्का की विजय के अवसर पर जब आप शहर में दखिल हो रहे थे तो आजिज़ी और विनम्रता से अपने पाक सिर को इतना झुका लिया था कि वह ऊँट के कजावे को छू रहा था। एक व्यक्ति आप (सल्ल.) के पास आया और आपकी बा-रोब हस्ती को देखकर काँपने लगा आप (सल्ल.) उसके पास गए और कहा, "मैं तो उस ग़रीब क़ुरैशी औरत का बेटा हूँ जो सूखा गोश्त पकाकर खाती थी।" (जारी है)
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