22 Piyarai Nabi SAW Ghamad pasandnahi tha
प्यारे नबी (स अ व) कैसे थे?
(22) प्यारे नबी (स अ व) को घमण्ड पसन्द नहीं था
Piyarai Nabi SAW kaisai thai?
Piyarai Nabi SAW ghamad pasandnahi tha
इनसान में जब कोई खास खूबी या कमाल पैदा हो जाता है तो क़ुदरती तौर पर वह खुद भी उसे महसूस करने लगता है। यह कोई ख़राब आदत नहीं है, बल्कि इसी को 'फ़न करना' कहते हैं। लेकिन जब वह दूसरे लोगों को जिनमें यह खूबी या कमाल नहीं होता, अपने से जलील या कम दर्जे का समझने लगता है तो इसी को 'घमण्ड' कहते हैं। घमण्ड की आदत को अल्लाह बिलकुल पसन्द नहीं करता।
प्यारे नबी (सल्ल.) की खिदमत में एक सुन्दर व्यक्ति हाज़िर हुआ और कहने लगा, "मुझे सुन्दरता पसन्द है और मैं यह नहीं चाहता कि सुन्दरता में कोई भी मुझसे बाज़ी ले जाए। क्या यह घमण्ड है ?" आप (सल्ल.) ने जवाब दिया, "नहीं यह घमण्ड नहीं है। घमण्ड तो यह है कि तुम दूसरों को अपने से हक़ीर (कम दर्जे का) समझो।"
एक और मौक़े पर अल्लाह के नबी (सल्ल.) ने फ़रमाया, "जिस व्यक्ति के दिल में राई के दाने के बराबर भी घमण्ड होगा, वह जन्नत में न जाएगा।"
अल्लाह हमें इस बुरी आदत से बचाए। (जारी है)
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