30 Piyarai Nabi SWA Ghair Muslim ki bhi Ayadat dekhbhal kartai thai
प्यारे नबी (स अ व) कैसे थे?
(30) प्यारे नबी (स अ व) ग़ैर-मुस्लिमों की भी इयादत करते थे
सिर्फ़ मुसलमानों के साथ ही नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का यह तरीक़ा न था, बल्कि ग़ैर-मुस्लिमों के साथ भी आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का ऐसा ही सुलूक था। आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तो अपने दुश्मनों तक के पास उनकी बीमारी का हाल पूछने जाते।
आपने पढ़ा होगा कि जिस रास्ते से नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का निकलना होता था वहीं पर एक यहूदी का घर था। वह आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को बहुत सताया करता था। जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) उस रास्ते से गुज़रते तो वह आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर कूड़ा-करकट फेंक दिया करता था। आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) उससे कुछ न कहते थे। कपड़े झाड़कर मुस्कराते हुए गुज़र जाते। इत्तिफ़ाक़ की बात, एक दिन उसने आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर कूड़ा नहीं फेंका। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को बहुत हैरत हुई। लोगों से उसके बारे में मालूम किया। पता चला कि वह बीमार है। आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) उसकी इयादत के लिए पहुँच गए। उसने जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को देखा तो शर्म से पानी-पानी हो गया और आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के इस सुलूक से इतना प्रभावित हुआ कि उसी वक़्त कलिमा पढ़कर मुसलमान हो गया।
एक यहूदी लड़का नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की ख़िदमत किया करता था। एक बार वह बीमार पड़ा। आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) उसकी इयादत के लिए गए। उसके सिरहाने बैठे। तसल्ली दी और इस्लाम की दावत दी। वह लड़का मुसलमान हो गया। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) यह कहते हुए वापस आए—
"ख़ुदा का शुक्र है जिसने इस लड़के को जहन्नम से बचा लिया।'’ (जारी है)
आलम ए इस्लाम की ख़बर, दीनि ए इस्लाम की मालुमात हासिल करने के लिए चैनल जाॅइन करें
इस पोस्ट को स्वाब ए ज़ारिया समझ कर शेयर करें
वाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://whatsapp.com/channel/0029Vaoau594IBhLQRejxN3C
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें