12 Nabi SAW Ka Libas Kaisaa Tha?

प्यारे नबी (स अ व) कैसे थे?

(12)  प्यारे नबी (स अ व) का लिबास कैसा था ?


piyarai Nabi SAW Kaisai Thai? Piyarai Nabi SAW Ka Libas Kaisaa Tha? 


लिबास के बारे में नबी (सल्ल.) का तरीक़ा यह था कि आप (सल्ल.) किसी ख़ास तरह के कपड़े के पाबन्द न थे, बल्कि हर वह कपड़ा जो सतर (वह अंग जिसका खोलना मना हो) को पूरी तरह छुपा सके आप (सल्ल.) इस्तेमाल करते थे। आप (सल्ल.) ने अच्छे से अच्छे कपड़े भी पहने हैं और मामूली से मामूली भी, यहाँ तक कि पैवन्द लगे कपड़े भी पहने हैं। जो लोग परहेज़गारी के ख़याल से अच्छे कपड़े और अच्छे खाने को मना करते हैं, या जो लोग मोटे-झोटे खाने-कपड़े को घमण्ड की वजह से नापसन्द करते हैं, दोनों का तरीक़ा प्यारे नबी (सल्ल.) के तरीक़े से अलग है। नबी (सल्ल.) हमेशा बीच का रास्ता अपनाते थे।


अल्लाह के नबी (सल्ल.) ने फ़रमाया, "जो कोई दुनिया में अपनी नेक-नामी के लिए कपड़े पहनेगा (चाहे अच्छा कपड़ा हो या फटा-पुराना हो) आख़िरत (परलोक) में अल्लाह उसे ज़िल्लत और बे-इज़्ज़ती का लिबास पहनाएगा।" आप (सल्ल.) ने यह भी फ़रमाया, "जिस किसी ने घमण्ड से अपने कपड़े का दामन बड़ा रखा, क़ियामत के दिन अल्लाह उसकी तरफ़ न देखेगा।"


एक सहाबी ने मालूम किया, "ऐ अल्लाह के नबी! मैं हमेशा यह चाहता हूँ कि मेरा कपड़ा अच्छा हो, मेरा जूता अच्छा हो। क्या यह भी घमण्ड है ?" आप (सल्ल.) ने फ़रमाया, "नहीं, अल्लाह सुन्दर है और सुन्दरता को पसन्द करता है- घमण्ड दूसरों को हक़ीर (तुच्छ) समझना है।" हक़ (सत्य) को ठुकराना और प्यारे नबी (सल्ल.) ने फ़रमाया है कि हमें ऐसे लिबास पहनने चाहिएँ जो पूरी-पूरी सतर-पोशी कर सकें और जिनसे हममें घमण्ड न पैदा हो सके। औरतों और मर्दों के लिबास में फ़र्क़ ज़रूरी है। नबी (सल्ल.) ने फ़रमाया, 'अल्लाह ने उन मर्दो पर लानत की है जो औरतों जैसे कपड़े पहनते हैं और उन औरतों पर भी लानत है जो मदों के लिबास की नक़ल करती हैं।"


आप (सल्ल.) ने मर्दों के लिए रेशमी कपड़ा पहनना हराम किया है। आप (सल्ल.) को सफ़ेद रंग का कपड़ा बहुत पसन्द था। आप (सल्ल.) ने फ़रमाया, “सफ़ेद कपड़ा सबसे अच्छा है।" आप (सल्ल.) ने लाल कपड़ा मर्दो के लिए नापसन्द किया है।


अल्लाह के नबी (सल्ल.) का कहना है, "टखनों से ऊपर पाजामा और लुंगी रखने से इनसान हर तरह की (गन्दगियों) से पाक रहता है।" यानी रास्ते की गन्दगी और दिल की गन्दगी (घमण्ड) से बचा रहता है।


प्यारे नबी (सल्ल.) ने सादा, बावक़ार और सलीक़े का लिबास पहनने की हिदायत की है। आप (सल्ल.) बेढंगेपन के लिबास पसन्द नहीं करते थे। (जारी है)


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