37 Piyarai Nabi SWA Duaa Sunnat

प्यारे नबी ( स अ व ) कैसे थे?   
(37) प्यारे नबी ( स अ व ) की दुआएँ वा सुन्नत
Piyarai Nabi SWA kaisai thai 
Piyarai Nabi SWA Duaa Sunnat


   मस्जिद में दाख़िल होते वक़्त पहले अपना दाहिना पैर अन्दर रखें फिर बायाँ। उसके बाद नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर दुरूद भेजें और यह दुआ पढ़ें:

اللهم افتح لي ابواب رحمتك 

"ऐ अल्लाह, मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे।"


मस्जिद से निकलते वक़्त पहले बायाँ फिर दाहिना पैर बाहर रखें और यह दुआ पढ़ें:


اللهم اني اسالك من فضلك 

"ऐ अल्लाह, मैं तुझसे तेरा फ़ज़्ल चाहता हूँ।"


 • नमाज़ के बाद की दुआएँ:


1. नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सलाम फेरने के बाद तीन बार "استغفرالله" 'अस्तग़फ़ि रुल्लाह' कहते फिर दुआ माँगते।


2. नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने हज़रत मआज़ का हाथ पकड़कर फ़रमाया: "ऐ मआज़! मुझे तुमसे मुहब्बत है और मैं तुम्हें वसीयत करता हूँ कि तुम हर नमाज़ के बाद इस दुआ को पढ़ना न छोड़ना।" वह दुआ यह है—

ربي اعني على ذكرك وشكرك وحسن عبادتك 

रब्बि अइन्नी अला ज़िकरि-क व शुकरि-क व हुसनि इबा-दति-क। (अबू-दाऊद, नसई, अहमद)


"ऐ मेरे रब, तू मेरी मदद कर! अपने ज़िक्र, अपने शुक्र और अपनी अच्छी इबादत करने के सिलसिले में।"


3. नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया कि फ़ज्र और मग़रिब की नमाज़ के बाद किसी से बात करने से पहले सात बार यह दुआ पढ़ लिया करो। अगर उसी दिन या उसी रात में मर जाओगे तो तुम जहन्नम से ज़रूर निजात पाओगे।

اللهم أجرني من النار 

अल्लाहुम्-म अजिरनी मि-नन्नारि।


"ऐ ख़ुदा मुझे जहन्नम की आग से पनाह दे।"    (जारी है)

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