36 Piyarai Nabi SWA ki masnun duaa Azkar
प्यारे नबी ( स अ व ) कैसे थे?
(36) प्यारे नबी (स अ व) की दुआएं -
Piyarai Nabi SWA kaisai thai
Piyarai Nabi SWA ki masnun duaa Azkar
• आप (स अ व) بسم الله الرحمن الرحيم पढ़कर वुज़ू करना शुरू करते।
• आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) वुज़ू करते हुए यह दुआ पढ़ते:
اَللّٰهُمَّ اغْفِرْ لِيْ ذَنْبِيْ وَوَسِّعْ لِيْ فِيْ دَارِيْ وَبَارِكْ لِيْ فِيْ رِزْقِيْ
"ऐ अल्लाह, मेरे गुनाहों को बख़्श दे और मेरे घर में मेरे लिए कुशादगी (खुलापन) पैदा कर दे और मेरी रोज़ी में बरकत कर दे।"
• वुज़ू के बाद यह दुआ पढ़ते:
(١) اَشْهَدُ اَنْ لَّاۤ اِلٰهَ اِلَّا اللّٰهُ وَحْدَہٗ لَاشَرِيْكَ لَهٗ وَاَشْهَدُ اَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُ ہٗ وَرَسُولُهٗ
"मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद (पूज्य) नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं। और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) उसके बन्दे और रसूल हैं।"
(٢) اَللّٰهُمَّ اجْعَلْنِيْ مِنَ التَّوَّابِيْنَ، وَاجْعَلْنِيْ مِنَ المُتَطَهِّرِيْنَ
"ऐ अल्लाह मुझे बार-बार तौबा करनेवाला और पाक ज़िन्दगी इख़्तियार करनेवाला बना दे।"
• अज़ान के बाद की दुआ:
اَللّٰهُمَّ رَبَّ هٰذِهِ الدَّعْوَةِ التَّآمَّةِ وَالصَّلاَةِ القَآئِمَةِ آتِ مُحَمَّدَ نِ الْوَسِيْلَةَ وَالْفَضِيْلَةَ وَابْعَثْهُ مَقَامًا مَّحْمُوْدَ نِ الَّذِي وَعَدْتَّهُ اِنَّكَ لَا تُخْلِفُ الْمِيْعَادَ
"ऐ अल्लाह! ऐ इस कामिल दावत और क़ायम होनेवाली नमाज़ के रब! हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को वसीला और फज़ीलत अता कर और उन्हें मक़ामे महमूद पर फ़ाइज़ कर, जिसका तूने वादा किया है, और हमें आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शफ़ाअत अता कर, बेशक तू वादा-ख़िलाफ़ी नहीं करता। (जारी है)
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