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Quran Mein Hazrat Isa Masih Alayhi SalamKa Zikr

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कुरआन में इसा मसीह का ज़िक्र ! कुरआन में हज़रत ईसा मसीह (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र बहुत आदर और सम्मान के साथ किया गया है। उन्हें ईसा इब्न मरियम (मरियम का बेटा) कहा जाता है, और वे अल्लाह के बड़े पैग़म्बरों में से एक हैं।  कुरआन में उनका नाम 25 बार आता है, और वे मसीह (अल-मसीह), कलिमतुल्लाह (अल्लाह का कलिमा), रूहुल्लाह (अल्लाह की रूह) जैसे ख़िताबों से नवाज़े गए हैं। कुरआन के अनुसार: वे कुंवारी मां हज़रत मरियम से बिना बाप के पैदा हुए (एक बड़ा मोजिज़ा )।  उन्होंने कई मोजिज़े दिखाए, जैसे मिट्टी से पक्षी बनाकर उसमें जान फूंकना, अंधों और कोढ़ियों को शिफ़ा देना, मुर्दों को ज़िंदा करना  (सब अल्लाह की इजाज़त से)।  उन्हें इंजील दी गई थी।  वे अल्लाह के बंदे और रसूल हैं, न कि अल्लाह का बेटा या खुदा (कुरआन तौहीद पर ज़ोर देता है और त्रिएकता को ख़ारिज करता है)।  उन्हें सूली पर नहीं चढ़ाया गया, बल्कि अल्लाह ने उन्हें ज़िंदा अपनी तरफ़ उठा लिया।  मुख्य सूरहें और आयतें जहां ईसा मसीह का ज़िक्र है: सूरह आले इमरान (3:45-59):  फरिश्तों ने मरियम को खुशख़बरी दी:...

Istaqbal E Ramzan Kaisa ho Roza Kiya hai

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इस्तकबाल ए रमज़ान कैसा हो? रमाज़ान की आमद का अहतमाम कैसे करें ? रमज़ान जैसी नयमत की कद्र कैसे करें ?  हम रमज़ान में कैसे कामयाब हो जाए ? हम रमज़ान की बरकतो नयमतो को कैसे हासिल करें? Istaqbal E Ramzan Kaisa ho Roza Kiya hai? हमें सबसे पहले रमज़ान माह की कद्रो किमत समझना होगी की इस माह की अल्लाह ने इतनी फज़ीलत ओर अहमियत क्यों ब्यान की है इस माह में रोज़े क्यों फ़र्ज़ किए हैं? इस माह की इतनी अहमियत क्यों है? इन सावालो का जवाब आप को कुरआन में मिलता है  Surat No 2 : سورة البقرة - Ayat No 185  شَہۡرُ رَمَضَانَ الَّذِیۡۤ اُنۡزِلَ فِیۡہِ الۡقُرۡاٰنُ ہُدًی لِّلنَّاسِ وَ بَیِّنٰتٍ مِّنَ الۡہُدٰی وَ الۡفُرۡقَانِ ۚ فَمَنۡ شَہِدَ مِنۡکُمُ الشَّہۡرَ فَلۡیَصُمۡہُ ؕ وَ مَنۡ کَانَ مَرِیۡضًا اَوۡ عَلٰی سَفَرٍ فَعِدَّۃٌ مِّنۡ اَیَّامٍ اُخَرَ ؕ یُرِیۡدُ اللّٰہُ بِکُمُ الۡیُسۡرَ وَ لَا یُرِیۡدُ بِکُمُ الۡعُسۡرَ ۫ وَ لِتُکۡمِلُوا الۡعِدَّۃَ وَ لِتُکَبِّرُوا اللّٰہَ عَلٰی مَا ہَدٰىکُمۡ وَ لَعَلَّکُمۡ تَشۡکُرُوۡنَ ﴿۱۸۵﴾ रमज़ान वो महीना है जिसमें क़ुरआन उतारा गया, जो इन्सानों के लिये सरासर रहनुमाई ...

Mariyam Kai betai Esa AS Kai barai mai Muslman ka Kiya Aqida hai

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 بِسْمِ ٱللَّٰهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान ओर रहम करने वाला है  मरियम के बेटे ईसा मसीह अलैहिस्सलाम के बारे में मुसलमानों का क्या अकिदा (भरोसा, याकीन ) है   Mariyam Kai betai Esa AS Kaibarai mai Muslman ka Kiya Aqiida hai  मरियम के बेटे ईसा मसीह अलैहिस्सलाम के बारे में हमारा विश्वास और आस्था वही है जो अल्लाह की किताब और हमारे पैग़म्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत से पता चलता है। चुनाँचि हम विश्वास रखते हैं कि ईसा अलैहिस्सलाम अल्लाह के बन्दों में से एक बन्दा, और उसके भेजे हुये पैग़ंबरों में से एक पैग़ंबर हैं, जिन्हें अल्लाह तआला ने बनी इस्राईल की ओर भेजा था कि आप उन्हें अल्लाह तआला की तौहीद और उसकी इबादत की ओर बुलायें। अल्लाह तआला का फरमान है : "और (याद करो उस समय को) जब मरियम के पुत्र ईसा अलैहिस्सलाम ने कहा, हे (मेरे समुदाय) इस्राईल की औलाद! मैं तुम्हारी ओर अल्लाह का पैग़म्बर हूँ, अपने से पूर्व ग्रन्थ तौरात की पुष्टि करने वाला हूँ और एक पैग़म्बर की शुभ सूचना देने वाला हूँ जो मेरे पश्चात आए गा जिसका नाम ...

40 Piyarai Nabi SWA Khub Dua Aur Azkar padtai thai

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प्यारे नबी (स अ व ) कैसे थे?  (40) प्यारे नबी (स अ व ) खुब दुआएं ओर अज़कार पढ़ते थे दुआएँ Piyarai Nabi SWA kaisai thai  Piyarai Nabi SWA Khub Dua Aur Azkar padtai thai जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नया चाँद देखते तो यह दुआ पढ़ते: اللّٰهُمَّ أَهِلَّهُ عَلَيْنَا بِالْأَمْنِ وَالْإِيْمَانِ وَالسَّلَامَةِ وَالْإِسْلَامِ رَبِّيْ وَرَبُّكَ اللّٰهُ، هِلَالُ رُشْدٍ وَّخَيْرٍ‏ अल्लाहुम्-म अहिल्लहू अलैना बिल अमनि वल ईमानि वस्सलामति वल इस्लामि रब्बी व रब्बोकल्लाहिलाहु-हिलालो रुशदिन व ख़ैरिन । (तिरमिज़ी, अहमद) "ऐ अल्लाह! यह चाँद हमपर अम्न, ईमान और सलामती और इस्लाम के साथ निकाल, भलाई और बेहतरी का चाँद है, मेरा और तेरा रब अल्लाह है।  • हाथ मिलाते वक़्त आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) यह दुआ पढ़ते: يغفر الله لنا ولكم  यग़फ़िरुल्लाहु लना व लकुम। "अल्लाह हमारी और तुम्हारी मग़फ़िरत फ़रमाए।"  • आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) किसी के यहाँ दावत में जाते तो खाना खाने के बाद यह दुआ पढ़ते: اللهم بارك لهم فيما رزقتهم واغفر لهم وارحمهم " अल्लाहुम-म बारिक लहुम फ़ीमा र-ज़क़-तहुम व...

39 Piyarai Nabi SWA Dua Aur ShukrGuzar Banday thai

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प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम  (स अ व ) कैसे थे?  (39) प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम  (स अ व ) की दुआएँ उसकी उसकी शुक्रगुज़ारी  Piyarai Nabi SWA kaisai thai  Piyarai Nabi SWA Dua aur Allah ki Shukr Guzari karnai walai Banday thai   जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कोई अच्छी चीज़ या किसी को अच्छे हाल में देखते तो यह फ़रमाते: ماشاءالله لأ قوة إلا بالله  माशा अल्लाहु ला क़ुव्व-त इल्ला बिल्लाह। “जो कुछ अल्लाह ने चाहा (और) क़ुव्वत तो सिर्फ़ अल्लाह ही की है।"  • जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नया कपड़ा पहनते तो यह दुआ पढ़ते:  اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ كَسَانِيْ هٰذَا وَرَزَقَنِيْهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِّنِّيْ وَلَا قُوَّةٍ अलहम्दु लिल्लाहिल्-लज़ी कसानी हाज़ा व-र-ज़-क़-नीहि मिन ग़ैरि हौलिम मिन्नी वला क़ुव्वतिन। "अल्लाह की तारीफ़ है जिसने मुझे यह लिबास पहनाया और बग़ैर मेरी ताक़त और क़ुव्वत के मुझे ग़ैब से यह अता फ़रमाया।"  • ग़ुस्सा दूर करने के लिए आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) यह पढ़ते: اعوذباللہ من الشیطان الرجیم  अ...

38 Piyarai Nabi SWA ki Qurani Duaa Azkar

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प्यारे नबी (स अ व ) कैसे थे?   (38) प्यारे नबी (स अ व) की दुआएँ ओर अज़कार  Piyarai Nabi SWA kaisai thai? Piyarai Nabi SWA ki Qurani Duaa Azkar प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) फ़ज्र की सुन्नतों के बाद तीन बार यह दुआ पढ़ते: अस्तग़फ़िरुल्लाहल्लज़ी ला इला-ह इल्ला हु-वल हय्युल क़य्यूम व अतूबु इलैहि। (अल-अज़कार लिन्नव्वी) استغفرالله الذي لا اله الا الله والحي القيوم و اتوب اليه  "मैं अल्लाह की बख़्शिश चाहता हूँ जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, जो हमेशा रहनेवाली हस्ती है, और मैं उसी की तरफ़ लौटता हूँ।"  • मग़रिब की नमाज़ के बाद यह पढ़ें: या मुक़ल्लि-बल क़ुलूबि सब्बित क़ुलू-बना अला दीनि-क। (अल-अज़कार लिन्नव्वी) يا مقلب القلوب ثبت قلوبنا على دينك  "ऐ दिलों को फेरनेवाले! हमारे दिलों को अपने दीन पर जमाए रख।"  • खाना शुरू करते वक़्त अगर बिस्मिल्लाह पढ़ना भूल जाएँ तो खाने के बीच में यह कहें: बिसमिल्लाहि अव्-व-लहू व आख़ि-रहू। (मुसनद अहमद, बुख़ारी, मुस्लिम, अबू-दाऊद, तिरमिज़ी) بسم الله أوله وآخره  "अल्लाह के नाम से उसके शुरू में भी और आख़िर में भी।" ...

37 Piyarai Nabi SWA Duaa Sunnat

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प्यारे नबी ( स अ व ) कैसे थे?    (37) प्यारे नबी ( स अ व ) की दुआएँ वा सुन्नत Piyarai Nabi SWA kaisai thai  Piyarai Nabi SWA Duaa Sunnat    मस्जिद में दाख़िल होते वक़्त पहले अपना दाहिना पैर अन्दर रखें फिर बायाँ। उसके बाद नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर दुरूद भेजें और यह दुआ पढ़ें: اللهم افتح لي ابواب رحمتك  "ऐ अल्लाह, मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे।" मस्जिद से निकलते वक़्त पहले बायाँ फिर दाहिना पैर बाहर रखें और यह दुआ पढ़ें: اللهم اني اسالك من فضلك  "ऐ अल्लाह, मैं तुझसे तेरा फ़ज़्ल चाहता हूँ।"  • नमाज़ के बाद की दुआएँ: 1. नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सलाम फेरने के बाद तीन बार "استغفرالله" 'अस्तग़फ़ि रुल्लाह' कहते फिर दुआ माँगते। 2. नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने हज़रत मआज़ का हाथ पकड़कर फ़रमाया: "ऐ मआज़! मुझे तुमसे मुहब्बत है और मैं तुम्हें वसीयत करता हूँ कि तुम हर नमाज़ के बाद इस दुआ को पढ़ना न छोड़ना।" वह दुआ यह है— ربي اعني على ذكرك وشكرك وحسن عبادتك  रब्बि अइन्नी अला ज़िकरि-क व शुकरि-क व हुसनि इबा-दति-क। (अबू-दाऊ...