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Mariyam Kai betai Esa AS Kai barai mai Muslman ka Kiya Aqida hai

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 بِسْمِ ٱللَّٰهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान ओर रहम करने वाला है  मरियम के बेटे ईसा मसीह अलैहिस्सलाम के बारे में मुसलमानों का क्या अकिदा (भरोसा, याकीन ) है   Mariyam Kai betai Esa AS Kaibarai mai Muslman ka Kiya Aqiida hai  मरियम के बेटे ईसा मसीह अलैहिस्सलाम के बारे में हमारा विश्वास और आस्था वही है जो अल्लाह की किताब और हमारे पैग़म्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत से पता चलता है। चुनाँचि हम विश्वास रखते हैं कि ईसा अलैहिस्सलाम अल्लाह के बन्दों में से एक बन्दा, और उसके भेजे हुये पैग़ंबरों में से एक पैग़ंबर हैं, जिन्हें अल्लाह तआला ने बनी इस्राईल की ओर भेजा था कि आप उन्हें अल्लाह तआला की तौहीद और उसकी इबादत की ओर बुलायें। अल्लाह तआला का फरमान है : "और (याद करो उस समय को) जब मरियम के पुत्र ईसा अलैहिस्सलाम ने कहा, हे (मेरे समुदाय) इस्राईल की औलाद! मैं तुम्हारी ओर अल्लाह का पैग़म्बर हूँ, अपने से पूर्व ग्रन्थ तौरात की पुष्टि करने वाला हूँ और एक पैग़म्बर की शुभ सूचना देने वाला हूँ जो मेरे पश्चात आए गा जिसका नाम ...

40 Piyarai Nabi SWA Khub Dua Aur Azkar padtai thai

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प्यारे नबी (स अ व ) कैसे थे?  (40) प्यारे नबी (स अ व ) खुब दुआएं ओर अज़कार पढ़ते थे दुआएँ Piyarai Nabi SWA kaisai thai  Piyarai Nabi SWA Khub Dua Aur Azkar padtai thai जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नया चाँद देखते तो यह दुआ पढ़ते: اللّٰهُمَّ أَهِلَّهُ عَلَيْنَا بِالْأَمْنِ وَالْإِيْمَانِ وَالسَّلَامَةِ وَالْإِسْلَامِ رَبِّيْ وَرَبُّكَ اللّٰهُ، هِلَالُ رُشْدٍ وَّخَيْرٍ‏ अल्लाहुम्-म अहिल्लहू अलैना बिल अमनि वल ईमानि वस्सलामति वल इस्लामि रब्बी व रब्बोकल्लाहिलाहु-हिलालो रुशदिन व ख़ैरिन । (तिरमिज़ी, अहमद) "ऐ अल्लाह! यह चाँद हमपर अम्न, ईमान और सलामती और इस्लाम के साथ निकाल, भलाई और बेहतरी का चाँद है, मेरा और तेरा रब अल्लाह है।  • हाथ मिलाते वक़्त आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) यह दुआ पढ़ते: يغفر الله لنا ولكم  यग़फ़िरुल्लाहु लना व लकुम। "अल्लाह हमारी और तुम्हारी मग़फ़िरत फ़रमाए।"  • आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) किसी के यहाँ दावत में जाते तो खाना खाने के बाद यह दुआ पढ़ते: اللهم بارك لهم فيما رزقتهم واغفر لهم وارحمهم " अल्लाहुम-म बारिक लहुम फ़ीमा र-ज़क़-तहुम व...

39 Piyarai Nabi SWA Dua Aur ShukrGuzar Banday thai

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प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम  (स अ व ) कैसे थे?  (39) प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम  (स अ व ) की दुआएँ उसकी उसकी शुक्रगुज़ारी  Piyarai Nabi SWA kaisai thai  Piyarai Nabi SWA Dua aur Allah ki Shukr Guzari karnai walai Banday thai   जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कोई अच्छी चीज़ या किसी को अच्छे हाल में देखते तो यह फ़रमाते: ماشاءالله لأ قوة إلا بالله  माशा अल्लाहु ला क़ुव्व-त इल्ला बिल्लाह। “जो कुछ अल्लाह ने चाहा (और) क़ुव्वत तो सिर्फ़ अल्लाह ही की है।"  • जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नया कपड़ा पहनते तो यह दुआ पढ़ते:  اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ كَسَانِيْ هٰذَا وَرَزَقَنِيْهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِّنِّيْ وَلَا قُوَّةٍ अलहम्दु लिल्लाहिल्-लज़ी कसानी हाज़ा व-र-ज़-क़-नीहि मिन ग़ैरि हौलिम मिन्नी वला क़ुव्वतिन। "अल्लाह की तारीफ़ है जिसने मुझे यह लिबास पहनाया और बग़ैर मेरी ताक़त और क़ुव्वत के मुझे ग़ैब से यह अता फ़रमाया।"  • ग़ुस्सा दूर करने के लिए आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) यह पढ़ते: اعوذباللہ من الشیطان الرجیم  अ...

38 Piyarai Nabi SWA ki Qurani Duaa Azkar

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प्यारे नबी (स अ व ) कैसे थे?   (38) प्यारे नबी (स अ व) की दुआएँ ओर अज़कार  Piyarai Nabi SWA kaisai thai? Piyarai Nabi SWA ki Qurani Duaa Azkar प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) फ़ज्र की सुन्नतों के बाद तीन बार यह दुआ पढ़ते: अस्तग़फ़िरुल्लाहल्लज़ी ला इला-ह इल्ला हु-वल हय्युल क़य्यूम व अतूबु इलैहि। (अल-अज़कार लिन्नव्वी) استغفرالله الذي لا اله الا الله والحي القيوم و اتوب اليه  "मैं अल्लाह की बख़्शिश चाहता हूँ जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, जो हमेशा रहनेवाली हस्ती है, और मैं उसी की तरफ़ लौटता हूँ।"  • मग़रिब की नमाज़ के बाद यह पढ़ें: या मुक़ल्लि-बल क़ुलूबि सब्बित क़ुलू-बना अला दीनि-क। (अल-अज़कार लिन्नव्वी) يا مقلب القلوب ثبت قلوبنا على دينك  "ऐ दिलों को फेरनेवाले! हमारे दिलों को अपने दीन पर जमाए रख।"  • खाना शुरू करते वक़्त अगर बिस्मिल्लाह पढ़ना भूल जाएँ तो खाने के बीच में यह कहें: बिसमिल्लाहि अव्-व-लहू व आख़ि-रहू। (मुसनद अहमद, बुख़ारी, मुस्लिम, अबू-दाऊद, तिरमिज़ी) بسم الله أوله وآخره  "अल्लाह के नाम से उसके शुरू में भी और आख़िर में भी।" ...

37 Piyarai Nabi SWA Duaa Sunnat

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प्यारे नबी ( स अ व ) कैसे थे?    (37) प्यारे नबी ( स अ व ) की दुआएँ वा सुन्नत Piyarai Nabi SWA kaisai thai  Piyarai Nabi SWA Duaa Sunnat    मस्जिद में दाख़िल होते वक़्त पहले अपना दाहिना पैर अन्दर रखें फिर बायाँ। उसके बाद नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर दुरूद भेजें और यह दुआ पढ़ें: اللهم افتح لي ابواب رحمتك  "ऐ अल्लाह, मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे।" मस्जिद से निकलते वक़्त पहले बायाँ फिर दाहिना पैर बाहर रखें और यह दुआ पढ़ें: اللهم اني اسالك من فضلك  "ऐ अल्लाह, मैं तुझसे तेरा फ़ज़्ल चाहता हूँ।"  • नमाज़ के बाद की दुआएँ: 1. नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सलाम फेरने के बाद तीन बार "استغفرالله" 'अस्तग़फ़ि रुल्लाह' कहते फिर दुआ माँगते। 2. नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने हज़रत मआज़ का हाथ पकड़कर फ़रमाया: "ऐ मआज़! मुझे तुमसे मुहब्बत है और मैं तुम्हें वसीयत करता हूँ कि तुम हर नमाज़ के बाद इस दुआ को पढ़ना न छोड़ना।" वह दुआ यह है— ربي اعني على ذكرك وشكرك وحسن عبادتك  रब्बि अइन्नी अला ज़िकरि-क व शुकरि-क व हुसनि इबा-दति-क। (अबू-दाऊ...

36 Piyarai Nabi SWA ki masnun duaa Azkar

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प्यारे नबी ( स अ व ) कैसे थे?            (36) प्यारे नबी (स अ व) की दुआएं - Piyarai Nabi SWA kaisai thai  Piyarai Nabi SWA ki masnun duaa Azkar   • आप (स अ व)    بسم الله الرحمن الرحيم पढ़कर वुज़ू करना शुरू करते।  • आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) वुज़ू करते हुए यह दुआ पढ़ते: اَللّٰهُمَّ اغْفِرْ لِيْ ذَنْبِيْ وَوَسِّعْ لِيْ فِيْ دَارِيْ وَبَارِكْ لِيْ فِيْ رِزْقِيْ "ऐ अल्लाह, मेरे गुनाहों को बख़्श दे और मेरे घर में मेरे लिए कुशादगी (खुलापन) पैदा कर दे और मेरी रोज़ी में बरकत कर दे।"  • वुज़ू के बाद यह दुआ पढ़ते:  (١) اَشْهَدُ اَنْ لَّاۤ اِلٰهَ اِلَّا اللّٰهُ وَحْدَہٗ لَاشَرِيْكَ لَهٗ وَاَشْهَدُ اَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُ ہٗ وَرَسُولُهٗ "मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद (पूज्य) नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं। और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) उसके बन्दे और रसूल हैं।" (٢) اَللّٰهُمَّ اجْعَلْنِيْ مِنَ التَّوَّابِيْنَ، وَاجْعَلْنِيْ مِنَ المُتَطَهِّرِيْنَ "ऐ अल्लाह मुझे ब...

35 Piyarai Nabi SWA Duaa kaisai mangtai thai

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प्यारे नबी (अ व स ) कैसे थे? (35) प्यारे नबी (अ व स) की दुआएँ Piyarai Nabi SWA kaisai thai? Piyarai Nabi SWA Duaa kaisai mangtai thai      • दुआ सिर्फ़ अल्लाह से माँगिए, हमारी ज़रूरतें सिर्फ़ वही पूरी कर सकता है। • दुआ इबादत का जौहर (अस्ल) है और इबादत का हक़दार सिर्फ़ अल्लाह है। • जब आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) बिस्तर पर तशरीफ़ ले जाते तो दोनों हथेलियों को जोड़ लेते और सूरा इख़्लास (112), सूरा फ़लक़ (113) और सूरा अन्-नास (114) पढ़कर उनपर फूंकते और अपने जिस्म पर जहाँ तक हो सकता हाथ फेर लिया करते थे। पहले सिर, चेहरे और जिस्म के अगले हिस्से से शुरू करते। इस तरह आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तीन बार करते। • आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को जब पाख़ाने जाना होता तो जूता और टोपी पहन लेते और यह दुआ पढ़ते:  اَللّٰھُمَّ اِنِّیْٓ اَعُوْذُبِکَ مِنَ الْخُبُثِ وَالْخَبَآئِثِ ’(बुख़ारी, मुस्लिम, तिरमिज़ी, इब्ने-माजा) "ऐ अल्लाह, मैं गन्दगी और गन्दी चीज़ों से तेरी पनाह चाहता हूँ।"  • जब पाख़ाने से बाहर निकलते तो यह दुआ पढ़ते: غُفْرَانَكَ اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ ا...

34 Piyarai Nabi SWA ka rawayiya kaisa thaa

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प्यारे नबी (स अ व ) कैसे थे? (34) प्यारे नबी (स अ व ) रावाइय्य कैसा था? Piyarai Nabi SWA kaisai thai? Piyarai Nabi SWA ka rawayiya kaisa thaa ? हज़रत अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से मालूम किया गया कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का सुलूक अपने साथियों के साथ कैसा था तो उन्होंने जवाब दिया कि— आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ★ हर एक से मुस्कराते हुए मिलते थे। ★ बहुत नर्म मिज़ाज थे, स्वभाव में सख़्ती न थी। ★ सहूलत और आसानी को पसन्द करते थे। ★ कभी ग़लत बात ज़बान से न निकालते थे। ★ किसी में दोष नहीं निकाला करते थे। ★ घमण्ड से बहुत दूर रहते थे। ★ फ़ुज़ूल और बेकार बातों से हमेशा परहेज़ करते थे। ★ न किसी की बुराई करते और न किसी को नीचा समझते थे। ★ किसी के छिपे हुए दोषों को ज़ाहिर करके उसे शर्मिन्दा नहीं करते थे। ★ माल और दौलत का लालच नहीं करते थे, और ★ अगर आपको कोई चीज़ न आती तो उसे छोड़ देते, न उसकी बुराई करते और न दिलचस्पी दिखाते। कितने अच्छे थे प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम)!                          (ज़ारी है)

33 Piyarai Nabi SWA kab aur kaisai sotai thai

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प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (स अ व ) कैसे थे? (33) प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम  (स अ व ) कैसे सोते थे? Piyarai Nabi SWA kaisai thai ? Piyarai Nabi SWA kaisai sotai thai ? Piyarai Nabi SWA kab sotai thai ? अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) इशा की नमाज़ से पहले कभी न सोते थे, नमाज़ के बाद सोने की तैयारी करते थे। आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) रात में जल्दी सोते और जल्दी उठते थे। सोने से पहले आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) बिस्तर अच्छी तरह झाड़ लेते थे। बिस्तर पर पहुँचकर आप क़ुरआन मजीद का कुछ हिस्सा ज़रूर पढ़ते थे। आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया, "जो व्यक्ति सोने से पहले क़ुरआन की कोई सूरा पढ़ता है तो अल्लाह उसके पास एक फ़रिश्ता भेजता है जो जागने तक उसकी हिफ़ाज़त करता है।" जब नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सोने का इरादा करते तो दाहिना हाथ अपने दाहिने गाल के नीचे रखकर दाहिनी करवट पर लेटते। पट या बाईं करवट पर लेटने से आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने मना किया और फ़रमाया कि "इस तरह लेटना अल्लाह को नापासन्द है।" सोने से पहले आप (सल्लल्लाहु...